माहवारी जागरुकता कार्यक्रम में महिलाएं बोलीं चुप्पी तोड़ो और खुलकर बोलो…
माहवारी जागरुकता कार्यक्रम में महिलाएं बोलीं चुप्पी तोड़ो और खुलकर बोलो…
- संकल्प सांस्कृतिक समिति ने माहवारी पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया।
- सभी को नैसर्गिक चक्र और इसके उचित प्रबंधन की जानकारी दी।
- निर्देशिका मनीषा ने कहा कि महिलाओं के जीवन और स्वास्थ से जुड़े इस विषय को केवल महिलाओं तक सीमित रखना या इस गुपचुप तरीके से बात करने से बात नहीं बनेगी।
- इसमें सभी की सहभागिता जरुरी है।
- चुप्पी को तोड़नी होगी।
- यह -सीधे सीधे महिलाओं के स्वास्थ से जुड़ा मुद्दा है।
- बालिकाओं को निःशुल्क सेनेटरी पैड बांटा गया।
- इस दौरान विनीता पाण्डेय, सुमन यादव, लक्ष्मी साहू, यामिनी वर्मा, महेश्वरी साहू, योगिता गिरी गोवामी, मालती साहू, पूनम पाल, मनीषा बाग, अजय श्रीवास्तव, सागर शर्मा, राजेश गुप्ता, सौरव तिवारी, नीरज साहू, शुभम शर्मा, मनीषशर्मा, राजेश गुप्ता, सौरव तिवारी, नीरज साहू, शुभम शर्मा, मनीष अवस्थी, मो. रफीक, विनोद सिदार, सुनील ठाकुर मौजूद रहे।
इन बातों का रखें ध्यान सेनेटरी पैड बदलते रहें
- मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बहुत जरूरी है।
- इसके जरूरी है कि सेनिटरी पैड को हर चार से छह घंटे में जरूर बदलें। पूरे दिन एक ही पैड का इस्तेमाल करना सेहत के लिए हानिकारक तो है ही इसके अलावा इससे जलन और इंफेक्शन भी हो सकता है।
- अच्छे ऑर्गेनिक और बॉयोडिग्रेडेबल सेनेटरी पैड का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है।
डाइट में संतुलित आहार
- खानपान का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
- इसके लिए पीरियड्स के समय संतुलित और पौष्टिक आहार ही लें।
- कम से कम चार से छह लीटर पानी पीकर खुद को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें।
- इसका लाभ यह होगा कि पेट फूलने की शिकायत नहीं होगी, रिलेक्स फील करेंगे।
28 मई को करेंगे जागरूक
- मनीषा ने कहा कि पीरियड्स यानी माहवारी एक ऐसा विषय है जिसके संबंध में आज भी हमारे समाज में खुलकर बात नहीं की जाती है।
- पीरियड्स की भुग्तभोगी लड़कियां भी इसपर खुलकर बोलने में शर्माती हैं।
- जिससे इसके संबंध में लोगों का ज्ञान आधा-अधूरा ही है।
- इसका परिणाम यह है कि महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
- 28 मई को महावारी दिवस है।
- इस दिन भी हम जागरुकता कार्यक्रम करेंगे।
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